माना कि सारी उम्र के हमसफ़र न बन सके
पर कुछ दूर तो मेरे साथ चलते
इन चंद लम्हों की सोहबत में ही
हम अपनी ताउम्र जी लेते...
माना कि मेरे नाम से तेरा नाम जोड़ा जाना गंवारा न था तुझे
पर ख़त के उन पन्नों पे तो रहने देते
हम उन अल्फाजों की स्याही से ही
अपनी सारी ज़िन्दगी रंग लेते ....
माना कि हमसे मिलना तेरे उसूलों में नहीं
पर हमें इंतज़ार तो बेशक करने देते
तुम्हारे खयालों के होने से ही
हम तेरी मौजूदगी को महसूस करते रहते ....